एक बार एक आदमी होता है । वह एक दिन सो रहा होता है । तब वो अपने सपने में देखता है कि वो चलते चलते एक सीवर के अंदर गिर गया है । तब वो चिल्ला कर अपने को बचाने की गुहार लगा रहा है मगर कोइ भी उसे सुन न सकने के कारण मदद नहीं कर पा रहा है । वह आदमी उस गड्ढे में फसा पड़ा रहता है और उसकी मदद को कोइ नहीं आता । इस तरह मानो घंटों बीत जाते हैं और उस व्यक्ती की नींद टूट जाती है । वह सोचता है बाप रे कितना भयानक सपना था ।
इस तरह के सपने, जिनको अंग्रेज़ी में नाइट्मेयर भी कहा जाता है, बहोत ही सामान्य होते हैं जब हम किसी ऍंटीबॉयटिक का प्रयोग कर रहे हों । इसे ऍंटीबॉयटिक के साईड इफैक्ट का लक्षण भी कहा जा सकता है । ऍंटीबॉयटिक के कईं और भी साईड इफैक्ट होते हैं – जैसे की – मूँह का स्वाद खराब होना, दाँतों का अस्थायी पीला पड़ना, बदन टूटना और जकड़न होना, इत्यादी । ऍंटीबॉयटिक के सेवन को बंद करने के बाद ये सब लक्षण कुछ दिन बाद खुद-ब-खुद दूर हो जाते हैं ।
Monday, May 28, 2007
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment